मेकॉन परिवार के सभी सदस्यों, प्यारे बच्चों, देवियों एवं सज्जनों,
आजादी के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आप सभी को मेरी ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ।
गणतंत्र का सरल अर्थ है – “जनता द्वारा, जनता के लिए।”
भारत एक ऐसा राष्ट्र है जहाँ सत्ता जनसाधारण में निहित होती है और यहाँ हर नागरिक को समान अधिकार और समान अवसर प्राप्त होते हैं।
इस वर्ष 2026 के गणतंत्र दिवस की थीम है –
“वंदे मातरम् के 150 वर्ष”,
इस थीम का प्रमुख केंद्र है देशभक्ति, सांस्कृतिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत और इसके साथ हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत।
यह थीम कला, संगीत और सैन्य प्रदर्शनों के माध्यम से हमारे राष्ट्रीय गीत की महान विरासत का उत्सव मनाती है।
साथियों, यह 140 करोड़ भारतीयों के समन्वित प्रयास का परिणाम है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने असाधारण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। आज भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है।
इस उदीयमान भारतीय शक्ति का एक अभिन्न हिस्सा होने के नाते, मेकॉन ने अपनी स्थापना से ही देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। चाहे वह इस्पात क्षेत्र हो, जटिल इंजीनियरिंग परियोजना हो या सरकारी पहल, मेकॉन ने हर क्षेत्र में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है।
भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है, और इसमें मेकॉन जैसे पीएसयू का योगदान बेहद अहम है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर, खनन, ऊर्जा और इस्पात जैसे क्षेत्रों में मेकॉन की सेवाएँ न सिर्फ राष्ट्र निर्माण में सहायक हैं, बल्कि रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को भी आगे बढ़ा रही हैं।
मेकॉन की दीर्घकालिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता, भारत की आर्थिक प्रगति को नई ऊँचाइयों तक ले जा रही है।
यह “आत्मनिर्भर भारत” और “मेक इन इंडिया” जैसे अभियानों को भी मजबूती दे रही है।
पीएलआई योजना के कार्यान्वयन में मेकॉन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, जिससे विनिर्माण क्षमता और रोजगार दोनों में वृद्धि हुई है।
डिजिटलीकरण आज के युग में मेकॉन जैसी संस्था के लिए अत्यंत ही उपयोगी है। इस्पात मंत्रालय का भी इस पर अत्यधिक रुझान है। इस दिशा में मेकॉन ने एक नए विभाग का गठन किया है जिसे हमारे नए कार्मिक लीड कर रहे हैं। हम अपने नए कार्मिकों से आशा रखते हैं कि वे इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि वित्त वर्ष 2024–25 में हमारा संचयी कारोबार खरीद ₹1800 करोड़ (लगभग) और परिचालन से राजस्व ₹1150 करोड़ (लगभग) और पीबीटी ₹32.9 करोड़ रहा।
वित्त वर्ष 2025-26 (दिसंबर, 2025 तक) में हमारा कारोबार खरीद ₹1019 करोड़ है जो कि पिछले वर्ष (दिसंबर, 2024 तक) की तुलना में 59% ज्यादा है। आप सभी इसके लिए बधाई के पात्र हैं।
मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि मेकॉन ने सेल, भिलाई स्टील प्लांट से 10.5 एमटीपीए विस्तार हेतु डीपीआर तैयार करने के लिए कार्यादेश प्राप्त किया है।
मुझे आपको यह बताते हुए और भी प्रसन्नता हो रही है कि इस अमृत काल में जहां भारत के प्रधानमंत्री आत्मनिर्भरता एवं स्वदेशीकरण पर जोर दे रहे हैं, मेकॉन द्वारा मेसर्स जय राज इस्पात एवं मेसर्स एसएलआर के लिए डिजाइन किया हुआ सिंटर प्लांट एवं ब्लास्ट फर्नेस ने रिकॉर्ड उत्पादन शुरू कर दिया है जो कि इस आत्मनिर्भरता की एक जीती जागती मिसाल है।
एनएमडीसी के साथ दीर्घावधि रणनीतिक समझौता ज्ञापन (एमओयू), हिंदुस्तान ज़िंक से परामर्शी कार्यदायित्व और सेल के बड़े ईपीसी कार्यदायित्व, ये सभी मेकॉन के स्वर्णिम भविष्य की मजबूत नींव हैं। मेकॉन, नाल्को और एचसीएल के साथ भी दीर्घावधि समझौता ज्ञापन (एमओयू) के लिए कदम बढ़ा चुका है।
हम टूल रूम, झारखंड सरकार के साथ अपने दीर्घकालिक गठजोड़ पर भी ध्यान दे रहे हैं।
एक ओर जहां हम नए ऑर्डर प्राप्त कर रहे हैं, वहीं हम अपने परियोजना के निष्पादन में भी सफलताएँ हासिल कर रहे हैं। मुझे यह बताते हुए काफी प्रसन्नता हो रही है कि हमने सेल, भिलाई का पहला कन्वर्टर सफलतापूर्वक कमीशन कर लिया है। इसके लिए आप सभी बधाई के पात्र हैं।
साथियों, आज के प्रतिस्पर्धी वातावरण में हमें गुणवत्ता, कौशल और समयबद्ध कार्यनिष्पादन को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बनाना होगा।
आज के नए युग में हमें परियोजना के निष्पादन में हमें नए दृष्टिकोण की आवश्यकता है।
इस वर्ष “On time Project Completion” हमारा मोटो होना चाहिए।
मैं मेकॉन परिवार के हर सदस्य से आग्रह करता हूँ कि वे अपने काम के केंद्र में गुणवत्ता, नवोन्मेषिता और समयबद्ध कार्यनिष्पादन रखें।
मुझे मेकॉनियन की क्षमता पर पूरा भरोसा है।
सहायता और सहयोग देने के लिए प्रबंधन हमेशा आपके साथ खड़ा है।
आइए, नई ऊर्जा, जोश और प्रतिबद्धता के साथ मिलकर मेकॉन को नई ऊँचाइयों पर ले जाएँ।
अंत में, मैं हमारे संविधान निर्माताओं, स्वतंत्रता सेनानियों, सशस्त्र बलों, वैज्ञानिकों और नवप्रवर्तकों को नमन करता हूँ, जिनकी वजह से आज भारत प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
है नमन उनको, जिन्होंने स्वप्न नहीं समाधान देखा,
जिनके कर्मों ने अंधकार में विज्ञान का प्रकाश भरा।
जय हिन्द – जय भारत !!!