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मेकॉन लिमिटेड
भारत सरकार का संस्थान
MECON LIMITED
A GOVT. OF INDIA ENTERPRISE

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CMD Desk

    Shri Atul Bhatt, CMD, MECON

    ngt

    गणतंत्र दिवस 2019

    प्यारे बच्चों, मेकॉन परिवार के सभी सदस्यों, शानदार Army Band, उत्साहित school platoon, देवियों एवं सज्जनों... आजादी के सत्तरवें (70th) गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आप सभी को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं.

    गणतंत्र का सीधा मतलब है ‘गण का तंत्र’ , यानि आम आदमी का सिस्टम या प्रणाली....ऐसा राष्ट्र जिसकी सत्ता जनसाधारण में समाहित हो।

    अतीत के प्रति सम्मान राष्ट्रीयता का एक आवश्यक पहलू है। इसीलिए मैं आज ‘26 जनवरी को विशेष दिन के रूप में चिह्नित किये जाने’ के विषय में कुछ दिलचस्प तथ्यों से आपको अवगत कराना चाहूँगा।

    31 दिसंबर सन् 1929 के मध्‍य रात्रि में, राष्‍ट्र को स्वतंत्र बनाने की पहल करते हुए, लाहौर में इस बात की घोषणा की ग‌ई कि यदि अंग्रेज़ सरकार 26 जनवरी, 1930 तक भारत को उपनिवेश का पद (डोमीनियन स्टेटस) नहीं प्रदान करेगी तो भारत अपने को पूर्ण स्वतंत्र घोषित कर दिया जायेगा।

    26 जनवरी, 1930 तक जब अंग्रेज़ सरकार ने कुछ नहीं किया तब उस दिन भारत की पूर्ण स्वतंत्रता के निश्चय की घोषणा की गयी और सक्रिय आंदोलन आरंभ हुआ। इस दिन, सर्वसम्मति से, एक महत्त्वपूर्ण फैसला लिया गया कि प्रतिवर्ष 26 जनवरी का दिन पूर्ण स्वराज दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस तरह 26 जनवरी अघोषित रूप से भारत का स्वतंत्रता दिवस बन गया था। उस दिन से 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त होने तक 26 जनवरी स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा।

    आज भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था है और IMF की हाल की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत, UK को पीछे छोड़ते हुए, विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।

    हम वैज्ञानिक और तकनीकी जनशक्ति के दूसरे सबसे बड़े भंडार, तीसरी सबसे विशाल सेना, न्यूक्लीयर क्लब के छठे सदस्य, अंतरिक्ष की दौड़ में शामिल छठे सदस्य और दसवीं सबसे बड़ी औद्योगिक शक्ति हैं।

    इस उदीयमान शक्ति का एक अभिन्न अंग होने के नाते मेकॉन ने, अपनी स्थापना के समय से हीं देश के विकास और उन्नति में यथोचित योगदान किया है। फिर चाहे वो अंतरिक्ष का क्षेत्र हो, अभियांत्रिकी की जटिल परियोजनाएं हों या सरकार द्वारा संचालित योजनायें हों, मेकॉन ने सर्वदा ही अग्रणी भूमिका निभायी है।

    सरकार की अनेक योजनाओं में से एक, ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की चर्चा करूँ तो इसमें योगदान करने के लिए मेकॉन तन-मन-धन से लगा हुआ है और ‘स्वछता में प्रभुता’ का पाठ पढ़ने वाले महात्मा गाँधी के, ‘स्वच्छ भारत’ के स्वप्न को पूरा करने कि मुहिम में, बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहा है ताकि हम बापू को उनकी एक सौ पच्चासवीं (150वीं) जयंती पर सच्ची श्रद्धांजलि दे सकें।

    हमारे इन प्रयासों को, इस्पात मंत्रालय द्वारा, पिछले हफ्ते में हुई हिंदी सलाहकार समिति की बैठक के दौरान, सर्वोत्तम योगदान देने वाले उपक्रमों में, तीसरी श्रेणी के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    इसी प्रकार मेकॉन, सरकार की और भी योजनाओं से जुड़ा हुआ है, जैसे कि- ‘Make in India’, ‘उर्जा गंगा’, ‘सौभाग्य योजना’ यानि ‘Power for All’ स्कीम, ‘दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना’, ‘सागर-माला’, इत्यादी। इसी क्रम में हमने ‘नवाचार’ यानि ‘Innovation’ को बढ़ावा देने के लिए एक ‘Innovation cell’ की स्थापना की है जो Innovation, और उससे भी अधिक inclusive Innovation को हमारी जीवनशैली में अभिभूत करने का प्रयास करेगा।

    कुछ बातें, कुछ अनुभव हमारे स्मृतिपटल पर बहुत गहरी छाप छोड़ जाते हैं...ऐसी ही एक अनुभव था ISRO, श्रीहरीकोटा का दूसरे लांच पैड, जिसेमें मेकॉन की अभूतपूर्व भूमिका को हम सभी बहुत गर्व से याद करते हैं। और आज मुझे आप सबको ये बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि पिछले साल नवम्बर में हमने ISRO के GSLV MkIII-D2/ GSAT-29 के सफल प्रक्षेपण को प्रत्यक्ष रूप से देखा और हमारे अभियंताओं के द्वारा रचित दूसरे लांच पैड के तेइसवें (२३वें) सफल प्रक्षेपण के साक्षी बने।

    आने वाले समय में हमें अपनी इस अविस्मर्णीय उपलब्धि पर और भी गौरवान्वित होने का अवसर मिलेगा, क्यूंकि ISRO इसी लांच इस गर्व से प्रोत्साहित हो कर, हम आज भी ISRO के कई ‘सामरिक महत्व’ यानी ‘strategic importance’ वाली परियोजनाओं से जुड़ें हुए हैं...जैसे कि

    • IPRC कि Integrated Engine Testing Facility –ISRO, Mahendragiri, TN के लिए Semi Cryo
    • ISRO, Mount Abu के लिए 2.5m dia Telescope का Revolving Dome
    • ISRO, Sriharikota के लिए Solid Propellant Space Booster Plant (SPROB), Augmentation Facilities
    • ISRO, Bhopal, Ahemdabad के लिए Payload Fabrication & Testing Facility

    रक्षा के क्षेत्र में भी मेकॉन, कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के साथ जुड़ कर, तथा अपनी सेवाएं प्रदान कर के, देश को सशक्त बनाने में एक अहम भूमिका निभा रहा है। इनमें से कुछ परियोजनाओं का मैं यहाँ उल्लेख करना चाहूँगा -

    • Naval Base, Karwar की Project Seabird Phase-IIA Dockyard एवं Fleet Base इमारतें
    • Defence के लिए BEL के माध्यम से Blast proof: Electro- Magnetic Pulse protected Underground structures
    • रक्षा मंत्रालय के लिए गोवा एवं कोच्ची में Naval Aircraft Yard

    इनके अलावा, हमने strategic महत्व वाले कई इकाईओं जैसे कि UCIL, NPCIL, इस्त्यादी, के लिए भी अपनी सेवाएं प्रदान की हैं और हाल ही में UCIL ने मेकॉन को अपनी कई परियोजनाओं में सेवाएं प्रदान करने का अवसर दिया है, जिनमें Production capacity augmentation, कई खदानों का expansion एवं modernization शामिल है।

    मेकॉन ने लोह एवं इस्पात के क्षेत्र में अपनी खुद की technology ईजात की हैं जो कि कुछ वैश्विक बड़ी कंपनियों के ही पास उपलब्ध है...

    • 1.0 mtpa तक की top charged Coke Oven Battery
    • 4,250m3 तक के Blast Furnace एवं Stoves
    • तथा Pellet Plant में 1.2 mtpa तक की क्षमता

    अब हमें आवशयकता है तो केवल एक अवसर की, ताकि हम इन सभी क्षेत्रों में, अपनी क्षमता को प्रमाणित कर सकें। हमें विश्वास है कि, Make in India के तहत, हमें ये अवसर जल्दी ही मिलेगा और हम अपने देश के विकास में और बेहतर सहभागिता कर सकेंगे ।

    2019 हमारे देश के लिए एक समीक्षात्मक वर्ष है, क्यूंकि आम चुनाव में आम आदमी, और ख़ास तौर पर राष्ट्र के युवा, इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, 'अपने मताधिकार का प्रयोग करके’। मैं आपको बताना चाहता हूँ कि 1947-50 के दौरान भारत में Universal Adult Franchise का निर्माण, लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे महान प्रयोगों में से एक था। Electoral roll का पहला मसौदा, संविधान के अधिनियमन यानी enactment से ठीक पहले तैयार था। इसलिए हम कह सकते हैं कि हम भारतीय, ‘नागरिक’ बनने से पहले ‘मतदाता’ बन गए थे।

    अधिकारों के साथ, जिम्मेदारियां आती हैं, इसलिए यदि हमें अपने देश को उसका विदित स्थान दिलाना है तो इस राष्ट्र के युवाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग करें और अपने साथियों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि हम देश की बागडोर ऐसे हांथों में सौंप सकें जो इसे सर्वोत्तम राष्ट्र बनाने के लिए पूर्ण रूप से समर्पित हों।

    इन्हीं शब्दों के साथ मैं, सभी स्वतंत्रता सैनानियों और हमारी सशस्त्र सेनाओं, अर्ध-सैनिक बलों तथा आंतरिक सुरक्षा बल के सदस्यों के पराक्रम को, नमन करता हूँ। मैं उन सभी वीर सैनिकों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने भारत की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने तथा कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।

    “सबके अधिकारों का रक्षक अपना ये गणतंत्र है, भारतवर्ष के सशक्तिकर्ण का लोकतंत्र ही मंत्र है”

    जय हिन्द – जय भारत !!!